Poem on father in hindi|| पिता पर कविता|| sacrifice of a father|| एक पिता का त्याग|| पिता की महानता||
Poem on father||पिता पर कविता
माँ पर तो अनेक कविताएँ बनी है पर पिता के ऊपर बहुत ही कम कविता देखने को मिलती है। पर इसका अर्थ ये नही की पिता की अहमियत हमारी ज़िंदगी मे कम हो जाती है। एक पिता बाहर से थोड़ा कठोर जरूर दिखता है पर सही मायने में वो हमें माँ से ज़रा भी कम प्रेम नही करता। एक माता ओर पिता दोनो ही अपने संतान से अथाह प्रेम करते है। तो आइए हम पिता पर एक कविता पढ़ते है और पिता को समझने का प्रयास करते है।
पिता की महानता
भले ही जन्म देने का
अधिकार एक औरत को है
पर एक पिता....
पिता की महानता भी अतुलनीय है।
एक कठोर काया के पीछे
है एक कोमल मन
जो अक्सर ही
रोक लेता है ख़ुद को
और प्रदर्शित नही कर पाता
अपने भीतर का प्रेम!!
एक पिता अपने बच्चों के लिए
न केवल अपना वर्तमान
बल्कि भविष्य भी झोंक देता है
परिश्रम की उस भट्टी में
जो निखारती है उसके बच्चों का भविष्य
और देती है उन्हें एक पहचान....
एक नई पहचान।
पाकर एक अलग पहचान
उसकी संतान
चाहती है अब उड़ना...
इस खुले आसमान में।
उस पिता की महानता तो देखो...
जो अकेला बसर करने को
हो जाता है तैयार और
दे देता है इज़ाज़त
अपने बच्चों को
ऊँचे आसमां में उड़ने का।
अपने आसुओं को दिल मे समेटे
हो जाता है वो संतुष्ट
ओर देता है उन्हें आशीर्वाद
ओर ऊपर जाने का
ये जानते हुए भी
की शायद अब वो कभी लौट कर
नही आएंगे उसके पास।
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