Sharir ki rog pratirodhak chhamta kaise badhaye|| शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता कैसे बढ़ाये

रोग प्रतिरोधक छमता कैसे बढ़ाये- rog pratirodhak chhamta kaise badhaye 



आज के समय मे आय दिन कोई न कोई बीमारी इंसान को घेरे ही रहती है।इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी दिनचर्या। आधुनिक युग मे हर इंसान इतना व्यस्त होता है कि उसे अपने सेहत का ख्याल ही नही रहता। तो ऐसी परिस्थिति में हमें अपनी रोग प्रतिरोधक छमता (immunity) को बढ़ाना होगा ताकि हमपर कोई बीमारी आसानी से हावी न हो पाए और हमारा शरीर इन बीमारियों से लड़ सके।

अभी के समय की बात करे तो अभी covid-19 (कोरोना वायरस) पूरी दुनिया मे तबाही मचाए हुए है। इसका अभी तक कोई इलाज नही मिल पाया हैै। इसलिए हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता (immunity) ही इस वायरस से लड़ सकती है। हमारे पास इसके अतिरिक्त कोई उपाय नही है जो कोरोना से लड़ सके।


कैसे जाने की आपके शरीर मे रोग प्रतिरोधक छमता (immunity) मजबूत है या नही

अगर आपके शरीर मे कोई कीटाणु प्रवेश कर जाता है तक वो आपको बीमार बना देगा। पर अगर आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता यानि इम्युनिटी मजबूत है, तो आपका शरीर अपने आप ही कीटाणुओं से लड़ने में सक्षम होगा। अगर आपको कमजोरी महसूस होती है या अक्सर ही सर्दी खासी रहती है इसका मतलब आपका रोग प्रतिरोधक छमता कमजोर है।और आपका शरीर इन कीटाणुओं से लड़ नही पा रहा है।तब आपको अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाने की जरूरत है।


रोग प्रतिरोधक छमता कैसे बढ़ाएं 

तो आइए अब हम आपको बताते है शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता (immunity) बढ़ाने के उपाय। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपको अपने खान पान में कुछ बदलाव करना होगा, अपने खान पान में कुछ चीजों को जोड़ना होगा ।

खान पान में क्या जोड़ने से रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ेगी



  • शहदशहद रोग प्राधिरोधक छमता बढ़ाने में बहुत कारगर है। आपको गरम पानी के साथ निम्बू और शहद का सेवन सुबह खाली पेट करना है। ये न केवल रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाने में आपकी मदद करेगा बल्कि ये वजन कम करने में भी मदद करता है।
शहद (honey)

  • हल्दी- हल्दी में एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक दोनो गुण होते है। ये शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। हल्दी सेवन करने से बहुत सी बीमारियां दूर हो जाती है। गरम दूध में हल्दी डालकर सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ती है। 
हल्दी (turmeric)


  • पानी- एक इंसान को प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी पीना चाहिए। शरीर मे पानी की कमी होने से भी कई बीमारी हो जाती है। इसलिए शरीर मे कभी भी पानी की कमी न होने दे। ज्यादा पानी पीने से शरीर का टॉक्सिक (toxic) पदार्थ मूत्रासय के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने का कोशिश करें।अब तो गर्मी का मौसम आ गया है। कभी भी बाहर जाए तो अपने साथ पानी का बोतल अवश्य रखे।

पानी (water)


  • ग्रीन टी ( green tea)-  बहुत से लोगों को चाय पीने की आदत होती है। तो आपलोग ग्रीन टी का प्रयोग करें। ये शरीर के रोग प्रतिरोधक छमता (immunity) को बढ़ाता है। ये बिल्कुल हर्बल होता है। इससे शरीर को कोई नुकसान नही पहुचता जबकि सदाहरण चाय का ज्यादा सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक है।

ग्रीन टी (green tea)


  • विटामिन-सी - शरीर मे विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाने का कार्य करती है। संतरा, आंवला, अंगूर, टमाटर, निम्बू, स्त्ट्रॉ्बेेरी  या अन्य कोई भी रसेदार खट्टा फल में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इन फलो को अपने खाने में जरूर शामिल करे। 

विटामिन सी का स्रोत


  • तुलसी- तुलसी का प्रयोग करने से बहुत सी बीमारी दूर हो जाती है। ये एंटीबायोटिक का काम करता है।आयुर्वेद में इसका प्रयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। ये शरीर के लिए लाभदायक है। आप तुलसी पत्ता को ऐसे भी चबा सकते है या फिर इसका काढ़ा बना कर भी पी सकते है। तुलसी पत्ता चाय में भी डाल कर पिया जाता है। ये शरीर के रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाने में मदद करता है।
तुलसी (basil)


तो दोस्तों आज हमलोगों ने जाना कि शरीर का रोग प्रतिरोधक छमता कैसे बढ़ाएं। इन चीजों को अपने खान पान में जोड़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता कई गुनी बढ़ जाएगी। और आपका शरीर कीटाणुओं से लड़ने में अधिक सक्षम हो जायेगा।

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